दो गधों का वजन
एक सुबह अकबर राजकुमार सलीम और बीरबल के साथ वाहयाली गया। इसलिए वे नदी के किनारे आ गए। गर्मी का मौसम होने के कारण वे एक पेड़ के नीचे बैठ गए।
थोड़ी देर बाद अकबर ने कहा, 'क्या हम नदी में स्नान करें?' बीरबल ने पानी में हाथ डाला और कहा, 'ओह, बहुत ठंड है। "मैं ऐसा नहीं करूँगा, प्रभु," उन्होंने कहा। अकबर ने कहा, 'ठीक है, अच्छा। सलीम और मैं स्नान करेंगे। "तुम यहीं रहो और हमारे कपड़े पकड़ो," उन्होंने कहा।
अकबर और सलीम ने अपने कपड़े उतारकर बीरबल को दे दिए और नदी में नहाने चले गए। अकबर और सलीम ने कहा, “बीरबल मूर्ख है। वह धूप में खड़ा होता है और हमारे कपड़े ढोता है। मेरे लिए धोबी गधे जैसा दिखता है।"अरे! बीरबल, तुम गधे का भार ढो रहे हो'' व्यंग्यात्मक लहजे में बीरबल ने तुरंत कहा, ''नहीं साहब, आप दो गधों का वजन उठा रहे हैं।'' अकबर का चेहरा बदल गया।
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